आज सुबह वॉक पर जाने का सोचा था, पर पैरों में ताकत ही नहीं लग रही थी तो घर के अंदर ही थोड़ी देर टहल कर छोड़ दिया।
मतलब मन तो बहुत था बाहर जाने का, पर शरीर साथ नहीं दे रहा था।
दोपहर में ब्रेड बना ली, आटा गूंथते वक्त हाथ थक गए फिर भी बना ली, बस यही सोचकर कि आज कुछ तो किया।
क्या कहूं, कभी-कभी समझ ही नहीं आता ताकत बनाने के लिए शुरुआत कहां से करूं।
शाम को हिसाब-किताब वाली कॉपी फिर से निकाली, बहुत दिनों से छोड़ रखी थी, आज उसमें कुछ लाइन लिख दी।
काम की वजह से कभी बहुत भागदौड़ रहती है और कभी बिल्कुल खाली रहती हूं, उसी हिसाब से रूटीन भी हिलता रहता है।
त्वचा को लेकर आज कोई खास दिक्कत नहीं हुई, बस पसीना आते ही हल्की खुजली महसूस हुई इसलिए वॉक जल्दी बंद कर दी।
साथियों, कमज़ोर पैरों के साथ धीरे-धीरे ताकत कैसे बढ़ाते हैं, कोई हल्का तरीका हो तो बताइए।
लंबा लिख दिया, माफ़ करना।
