आज सुबह उठते ही लगा कि शरीर में ज़ोर नहीं है, मतलब उठना भी भारी लग रहा था, तो सोचा सैर पूरी नहीं करूँगी…
– हल्की स्ट्रेचिंग की, बस इतनी सी।
– टहलने निकली पर आधे रास्ते से लौट आई।
– शाम को ब्रेड बनाई, आटा गूंधते वक़्त हाथ काँप रहे थे।
– रात में फिर से खर्चे की डायरी खोली, ये आदत लौटा रही हूँ।
आजकल काम भी कम चल रहा है तो समय तो है, बस ताकत ही नहीं जुट पा रही, कहाँ से शुरू करूँ ये समझ नहीं आ रहा।
साथियों, आप लोग रोज़ की शुरुआत किससे करते हैं, कोई एक छोटी सी चीज़ बताइए न।
त्वचा फिलहाल शांत है, खुजली नहीं हुई आज।
आज इतना ही, लंबा लिख दिया माफ़ कीजिएगा।
