सामान बाँधते-बाँधते आज कोहनी पर खुजली शुरू हो गई.
बारिश को 4 दिन हो गए हैं, नमी बहुत बढ़ गई है इस बार.
सुबह मॉइस्चराइज़र लगाया था, दोपहर तक टिका ही नहीं.
काम के बीच उठकर फिर से क्रीम लगानी पड़ी.
शाम को बच्चों का होमवर्क देखते-देखते गर्दन पर भी हल्की खुजली आई.

रात को हाथ पर 3 बार क्रीम लगाई, अभी थोड़ा ठीक लग रहा है.
पैकिंग के 6 डिब्बे आज बंद हुए, बाकी कल पर छोड़ दिए.
हाथ में क्रीम लगी थी तो टेप वाला काम भी अजीब लग रहा था.
25 साल में मौसम बदलने का ये पैटर्न अब पहचान गई हूँ, फिर भी हर बार थोड़ा परेशान कर ही देता है.
