आज रात का काम खत्म करने में देर हो गई। बड़ी बेटी को होमवर्क में मदद चाहिए थी। उसी बीच हाथ की कोहनी में खुजली शुरू हो गई। खुद को रोक नहीं पाई। खुजा दिया। छोटी वाली ने देख लिया।
बोली-
“माँ ये लाल क्यों है”
कुछ नहीं बोली। बस बात बदल दी।
बच्चों को सुलाने के बाद जो किया-
– हाथ-पैर पर ठंडा मॉइश्चराइज़र लगाया
– कोहनी वाली जगह पर थोड़ा ज्यादा लगाया
– सूती कपड़े पहन के सोई
कल सहेली की शादी है। जोड़ा निकाल के रख दिया है। बाजू (लंबी वाली) है। हाथ ढके रहेंगे। यही सोचकर थोड़ी राहत मिली।

इस वीकेंड पहाड़ी चढ़ने का प्लान टाल दिया है। थकान ज्यादा हो रही है। शरीर को थोड़ा आराम देना चाहती हूँ।
धीरे-धीरे ठीक होने की उम्मीद बनी हुई है। कल फिर यही रूटीन दोहराऊँगी।
