आज सुबह से दुकान पर बैठे-बैठे कमर फिर से अकड़ गई। पिछले कुछ दिन से यही हो रहा है, घंटों एक ही जगह बैठे रहने का असर सीधा पीठ पर पड़ता है और उसके बाद खुजली भी शुरू हो जाती है, खासकर कंधे के पास वाली जगह पर।
दोपहर में ग्राहक कम थे तो थोड़ा टाइम निकाल के 15 मिनट स्ट्रेचिंग की। कई दिन से छोड़ रखी थी, आज फिर से शुरू की। ज्यादा कुछ नहीं किया, बस उठ के कमर सीधी की, कंधे घुमाए और दुकान के अंदर ही थोड़ा टहल लिया। इतने में ही फर्क लग रहा था, अकड़न थोड़ी कम हुई और मन भी हल्का लगा।
शाम को दुकान बंद करने के बाद क्रीम लगाई। रोज़ लगाता हूं लेकिन आज देर हो गई थी, करीब 9 बजे लगाई। रात को सोने से पहले फिर एक बार लगाई, हाथ-पैर दोनों जगह ध्यान से।
घर आके थोड़ी देर ब्रेड बनाई। आटा गूंथते वक्त हाथ में हल्की जलन हुई, ज्यादा नहीं, बस थोड़ी देर के लिए। मौसम भी आजकल रूखा सा है इसलिए हाथ जल्दी सूख जाते हैं, ये अलग बात है।
ब्रेड ओवन में डालने के बाद बैठ के हिसाब की किताब भी खोली। कई हफ्तों से छोड़ रखी थी, आज फिर से लिखना शुरू किया। 2-3 पन्ने ही भरे लेकिन शुरुआत तो हुई।
आज बस इतना ही किया, ज्यादा कुछ प्लान नहीं था। कल से फिर वही रूटीन पकड़ने की कोशिश करूंगा।
