कल पहाड़ी ट्रेक पर गई थी, वीकेंड का प्लान बहुत पहले से बना हुआ था।
रास्ते में हवा अच्छी लगी, पसीना भी खूब निकला।
लौटते ही गर्दन और कोहनी के पास हल्की खुजली शुरू हो गई।
रात को क्रीम लगाई, फिर भी नींद बीच में टूट गई।
सुबह बच्चों को स्कूल भेजने की जल्दी में ध्यान नहीं दिया।
बाद में शीशे में देखा तो वहां हल्की लाली आ गई थी।
ऑफिस के काम के बीच भी हाथ बार-बार उसी जगह चला जाता है।
शाम को हल्के सूती कपड़े पहने, थोड़ी राहत मिली।
शायद ट्रेक की धूप और पसीना ही वजह था, पक्का पता नहीं।
आजकल हर हफ्ते किसी न किसी की शादी है, तैयारी का समय भी मुश्किल से मिलता है।
फिर भी रात को क्रीम लगाना नहीं भूली, अभी बस यही एक आदत बना रही हूं।
