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शरीर का समय रोज़ की दिनचर्या

रोटी सेंकते हाथ में जलन

तीसरा दिन है आज। दुकान में सुबह से शाम तक बैठे रहना पड़ा, ग्राहक कम थे तो कुर्सी पर देर तक बैठी रही, कमर अब भी थोड़ी अकड़ी हुई लगती है। बीच में उठकर थोड़ा टहली, हाथ-पैर हिलाए, फिर वापस बैठ गई।

शाम को घर आकर रोटी की जगह इस बार ब्रेड सेंकी, आटा गूंधते वक्त हाथ बार-बार धोने पड़े, आटा सूखा तो उंगलियों के बीच हल्की जलन शुरू हो गई। ओवन से निकालते ही हाथ धोए और क्रीम लगाई, कलाई पर अभी भी हल्की लाली बाकी है पर खुजली पहले से कम है।

रात को बहुत दिनों बाद हिसाब की कॉपी निकाली, दुकान का और घर का खर्च अलग-अलग लिखा। बीच-बीच में हाथ रुक जाता है, पर आज लिखना पूरा किया।

टिप्पणियाँ 2

  • मुस्कान09.18

    मेरा हाथ भी 2 बार जला था!

  • गुनगुनलेखक09.21

    आटा गूंधते वक्त उंगलियों में जलन होना मैं समझ सकती हूं जी, हाथ बार-बार गीला-सूखा होने से त्वचा जल्दी रूखी पड़ जाती है। मेरे यहां भी ऐसा ही होता है, दुकान में दिन भर बैठे रहने के बाद घर आकर आटा गूंधती हूं तो कलाई पर हल्की लाली आ ही जाती है। ओवन से निकालते ही क्रीम लगाना अच्छी आदत है, मैं भी अब वही करती हूं, इससे रात की खुजली काफी कम हो जाती है। कमर अकड़ने वाली बात भी बिल्कुल सही है, कुर्सी पर

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