आज लगातार 4 दिन हो गए हैं कि सुबह की क्रीम टाइम पर लगाई है। दुकान अकेले संभालती हूं तो सुबह जल्दी निकलना पड़ता है, इसलिए 9 बजे से पहले ही रूटीन खत्म करने की कोशिश करती हूं। पिछले कुछ महीनों से बैठे-बैठे काम करने की वजह से पोश्चर बिगड़ गया था, गर्दन आगे झुक गई, कंधे भी ऊपर की तरफ खिंचे रहते हैं। इससे स्किन पर भी असर दिख रहा था, खासकर गर्दन के पीछे वाला हिस्सा।
अभी स्टेबल फेज में हूं तो ज्यादा कुछ नहीं करती, बस बेसिक चीज़ें फॉलो कर रही हूं –
– सुबह गुनगुने पानी से ही मुंह धोना
– क्रीम लगाते वक्त गर्दन और कंधों को हल्के हाथ से मसलना
– दिन में एक बार उठकर थोड़ा टहलना

दुकान पर पूरा दिन काउंटर के पीछे बैठे रहना पड़ता है, इसलिए बीच-बीच में उठना भूल जाती हूं। कल शाम एक रेगुलर कस्टमर ने पूछा, “आजकल गर्दन ठीक लग रही है क्या”, तो लगा शायद थोड़ा फर्क दिख रहा है।
घर पर वीकेंड पर ब्रेड बेक करती हूं, उससे भी हाथों को थोड़ा आराम मिलता है, आटा गूंथने का अलग मूवमेंट है वो। हिसाब-किताब फिर से लिखना शुरू किया है तो शाम का वक्त उसी में निकल जाता है, स्किन केयर के लिए टाइमर लगाकर याद रखना पड़ता है वरना भूल जाती हूं।
4 दिन हो गए हैं लगातार, यही सोच रही हूं कि इसे आगे भी ऐसे ही खींचना है।
