आज सुबह से लैपटॉप के सामने ही बैठी रही, काम निपटाने में समय का पता ही नहीं चला।

दोपहर में डिब्बे खोले पुराने सामान छांटने के लिए, शिफ्टिंग पास आ रही है तो जितना हो सके उतना कम करने की सोच रही हूं।
धूल लगते ही हाथ में खुजली शुरू हो गई, तभी याद आया क्रीम लगाना तो भूल ही गई थी सुबह से…

फौरन लगाई, हाथ को थोड़ी राहत मिली।
शाम होते होते कमर अकड़ने लगी थी हमेशा की तरह, इसलिए टहलने निकल गई गली में।
कैमरा साथ ले गई पर आज कुछ खींचा नहीं, बस देखती हुई घूम आई।
रात को सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग की, कमर के लिए यही आदत ठीक लग रही है अभी।
