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शरीर का समय ›आज एक काम

आज की अधूरी लिस्ट

आज दुकान में 2 बार उठकर टहला, आटा आज नहीं गूंधा।
लिस्ट लिखना तीसरा दिन हो गया।

कमेंट 2

  • सुकून10.06

    आटा भी लिस्ट में डाल दो

  • दिल सेलेखक10.11

    दुकान में उठकर टहलना अच्छी बात है जी, बैठे रहने से कमर जकड़ जाती है, मुझे भी यही होता है। आटा वाली बात समझ आती है, घर पर रोज सुबह गूंधना था तो दिन भर दिमाग में घूमता रहता, फिर भी कभी छूट जाता। लगातार लिस्ट लिखना भी कम बात नहीं, पहले दिन के बाद छोड़ने का मन करता है, पर लिखते रहने से आदत बनती है। मैं भी हिसाब की किताब फिर से शुरू की है, कुछ दिन लिखकर भूल जाती थी, अब फिर कोशिश कर रही हूं। आटा कल

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