वीकेंड की ट्रेकिंग के बाद से मन ठीक नहीं है।
पहाड़ पर पसीना बहुत आया, उतरते-उतरते गर्दन और कोहनी पर खुजली शुरू हो गई।
रात को नींद ठीक से नहीं आई, बार-बार हाथ वहीं चला जाता रहा।
सुबह बच्चों को स्कूल भेजना, फिर ऑफिस – थकान अलग से।
ऊपर से शादियों के कार्ड आते जा रहे हैं इस महीने।
क्या पहनूं सोच रही हूं, फुल स्लीव्स के अलावा (कुछ सूझ ही नहीं रहा)।
सच कहूं तो ऐसे मौकों पर (थोड़ा उदास) हो जाती हूं।
बाकी सब तैयारी में लगे हैं, मैं स्किन को लेकर उलझी रहती हूं।
किसी को कुछ बताने का मन नहीं करता, बस यहां लिख दिया।
