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शरीर का समय ›साप्ताहिक डायरी

हल्दी-नीम का लेप, दो दिन बाद फिर वैसी खुजली

सोमवार शाम को गर्दन और कोहनी की खुजली बढ़ गई थी, तो हल्दी और नीम का लेप बनाकर लगाया, रात 9 बजे के आसपास।

मंगलवार सुबह उठकर देखा तो थोड़ा आराम लगा, खुजली कम थी, हाथ भी उतने लाल नहीं लग रहे थे, सोचा शायद यही काम कर जाएगा।

पर बुधवार दोपहर से फिर वही शुरू हो गया, गुरुवार-शुक्रवार भी दिन में 2-3 बार खुजाना पड़ा, समझ नही आया लेप का असर था या बस उन दो दिन गर्मी कम थी इसलिए ठीक लगा था।

इस हफ्ते का हिसाब –
– सोमवार रात, हल्दी-नीम लेप
– मंगलवार, आराम, खुजली कम
– बुधवार से रविवार, फिर पहले जैसा, दिन में 2-3 बार
– बर्तन-कपड़े धोते वक्त दस्ताने भूल जाना, लगभग हर दिन

नाती को नहलाना, साबुन-सर्फ, रसोई का हल्दी-मिर्च, सब हाथ से ही करना पड़ता है, तो शाम तक हाथ जलते से लगते हैं, रात को क्रीम लगाकर सोती हूँ फिर भी सुबह वही निशान।

नींद भी इस हफ्ते देर से आ रही है, 12 बजे के बाद ही आँख लगती है, इसका भी कुछ असर हो रहा होगा शायद, पता नहीं।

अगले महीने भतीजे की शादी भी है, हाथ खुले रहेंगे, सोचकर थोड़ी फ़िक्र होती है, पर अभी उसके बारे में नहीं सोचना, पहले इस खुजली का कुछ करना है।

अगले हफ्ते लेप की जगह सीधे ठंडी सिकाई करके देखूँगी, बर्फ से थोड़ा फर्क पड़ता है ऐसा सुना है।

कमेंट 1

  • बारिश01.24

    आटा गूंथते वक्त मेरे भी हाथ जलते हैं, हल्दी-मिर्च से खुजली बढ़ जाती है जी

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