मंगलवार रात 11 बजे तक जागी रही। बड़ी वाली का प्रोजेक्ट बनवाना था। हाथ की खुजली उसी रात फिर शुरू हुई।
बुधवार सुबह 6 बजे उठी। मॉइस्चराइजर लगाया। ऑफिस निकलने से पहले सिर्फ 5 मिनट मिले।
शनिवार पहाड़ी ट्रेल पर गई। करीब 3 घंटे चली। पसीना आते ही गर्दन के पीछे जलन होने लगी। बीच में एक बार रुककर पानी से धो लिया।
रविवार शाम एक शादी में जाना था। हाथ ढकने के लिए पूरी बाजू का सूट पहना। किसी ने कुछ नहीं पूछा। राहत रही।
इस हफ्ते कुल 4 दिन क्रीम लगा पाई। बाकी 3 दिन भूल गई। अगले हफ्ते फोन में अलार्म लगाकर रखूंगी, (9 बजे रात का)।
