इस हफ्ते एक चीज़ बदली।
पहले नहाने के बाद सबसे पहले बच्चों को क्रीम लगाती थी, फिर रसोई-बर्तन, सबसे आखिर में खुद को।
तब तक मेरे हाथ फिर सूखने लगते थे।
तो इस बार क्रम पलट दिया – (पहले खुद, फिर बच्चे)।
नहाने के फ़ौरन बाद पहले अपने हाथ-पैर पर क्रीम लगाई, उसके बाद बच्चों की बारी आई।
एक बेटी बीच में रोई भी, “मम्मी पहले मुझे” कहकर।
पर हाथ की सूखी लाइनें इस हफ्ते सच में कम दिखीं।
रात में अब भी खुजली आती है, खासकर सोने से ठीक पहले।
वो अभी वैसी ही है, उसमें कोई फर्क नहीं आया।
वीकेंड का ट्रेक इस बार छोटा रखा।
आगे दो शादियों के फंक्शन आ रहे हैं तो हाथ को ज़्यादा धूप-पसीने में नहीं डालना चाहती थी।
अगले हफ्ते यही नया क्रम आगे भी रखूंगी।
और शादी वाले दिन मेहंदी से पहले हाथ पर क्रीम की एक मोटी परत और लगाने की सोच रही हूं।
