ताकत बिलकुल नहीं बची है, मतलब कहाँ से शुरू करूं ये समझ नहीं आया इस हफ्ते भी।
सोमवार को सिर्फ 10 मिनट टहली, बुधवार को छत पर 15 मिनट, बस इतना ही हो पाया।
हाथों की खुजली मंगलवार रात ज़्यादा थी, बाकी दिन ठीक रहा।
घर पर रोटी की जगह इस बार ब्रेड बनाई, दूसरी बार में अच्छी बनी!
बजट वाली डायरी फिर से लिखनी शुरू की, 6 दिन का हिसाब लिख पाई अभी तक।
काम इस हफ्ते बिलकुल नहीं था, अगले हफ्ते शायद अचानक ढेर सारा आ जाए, फ्रीलांस में ऐसा ही चलता है।
अगले हफ्ते सुबह 7 बजे उठकर सिर्फ 5 मिनट हाथ-पैर हिलाने की कोशिश करूंगी, बस इतना ही लक्ष्य है।
साथियों, बिलकुल ताकत न हो तो आप लोग शुरुआत कैसे करते हैं?
