गर्दन और कोहनी की सिलवट में खुजली अभी भी वैसी ही है, ब्लाउज़ का कपड़ा जहां रगड़ता है वहीं सबसे ज़्यादा. मंगलवार को हल्दी और नीम पीसकर लेप लगाया, रात भर लगा रहने दिया, सुबह हल्का सा आराम लगा, दोपहर होते-होते फिर वैसी ही खुजली शुरू हो गई. गुरुवार को फिर वही लेप लगाया, इस बार सिर्फ 2 घंटे रखा, फर्क कुछ खास नहीं दिखा.

घर का काम तो रुकता नहीं, बर्तन-सफाई में हाथ पानी में ही रहते हैं, मसाला छूने के बाद तो जलन और बढ़ जाती है. रात को नींद भी 12 बजे के बाद ही आ रही है, नौकरी वाले इंटरव्यू की तैयारी में दिमाग वैसे भी भागता रहता है, ऊपर से खुजली अलग परेशान करती है.
अगले महीने भतीजे की शादी है, सूट का कपड़ा देख रही थी बाज़ार में, हाथ खुले वाला डिज़ाइन पसंद तो आया मगर गर्दन के दाग की वजह से मन थोड़ा हिचक रहा है. अभी इस हफ्ते सिर्फ लेप बदल-बदल कर देख रही हूं, अगले हफ्ते नारियल तेल भी आज़माऊंगी.
