बारिश शुरू होते ही कोहनी और गर्दन पर वही खुजली लौट आई है।
रात को नींद भी बीच में टूट जाती है।
दफ्तर में AC लगातार चलता रहता है, स्किन बहुत रूखी हो जाती है।
बार-बार मॉइस्चराइज़र लगाना पड़ता है, फिर भी राहत कम लगती है।
त्योहारों का समय भी पास आ रहा है।
घर में सब साथ बैठकर खाना, और (बिना किसी को बताए) अंदर ही अंदर सोचते रहना कि क्या खाऊं क्या न खाऊं।
मसालेदार खाना अकेले में छोड़ना आसान है।
रिश्तेदारों के बीच मना करना अलग बात है।
कोई पूछ लेता है
“क्यों नहीं खा रही”
तब जवाब देना थोड़ा थका देता है।
बरसों से यही चल रहा है।
फिर भी हर बार मौसम बदलते ही ऐसा लगता है जैसे नए सिरे से समझाना पड़ रहा है।
काम का दबाव साथ में बढ़ जाए तो स्किन का ख्याल पीछे ही छूट जाता है।
बस इन दिनों थोड़ा थका हुआ महसूस हो रहा है।
