इस हफ्ते शनिवार को हमेशा की तरह पहाड़ी वाले रास्ते पर गई थी। धूप तेज़ थी, पसीना भी खूब हुआ। लौटते वक्त हाथों में हल्की खुजली शुरू हो गई थी। घर आकर एलोवेरा जेल लगाया, थोड़ी देर में आराम मिल गया।
फिर शुक्रवार को एक शादी में जाना था। जेवर पहनने से पहले यही सोच रही थी कि (जेवर के नीचे) फिर से खुजली न बढ़ जाए। क्या ये जेवर से होता है या मौसम से, अभी भी समझ नहीं आया। जेवर के नीचे पतला दुपट्टा लपेट लिया था। शाम ठीक रही, बस एक बार हल्की खुजली उठी थी, वो भी जल्दी शांत हो गई।
बच्चों की स्कूल वाली भागदौड़ में सुबह क्रीम लगाना कई बार भूल भी जाती हूं। इस हफ्ते फोन में रिमाइंडर लगाकर देखा, [थोड़ा असर] हुआ लगता है।
अगले हफ्ते एक और शादी है। इस बार भी जेवर के साथ हल्का सूती कपड़ा लपेटकर देखूंगी।
