सामान समेटते हुए फिर से खुजली शुरू हो गई है।
घर बदलने की तैयारी चल रही है। डिब्बे बांधते-बांधते गर्दन में खुजली महसूस हुई (ठीक वहीं जहां पहले भी होती थी)।
बारिश की नमी का असर भी साफ दिख रहा है। कोहनी और गर्दन दोनों जगह रात को खुजली लौट आई।
दफ्तर की AC से त्वचा और रूखी हो जाती है। मॉइस्चराइज़र बार-बार लगाना पड़ता है।

मसालेदार खाना और डेयरी से दूर रहने की कोशिश कर रही हूं, पर त्यौहारों के मौसम में यह आसान नहीं।
बस थोड़ा थका हुआ महसूस हो रहा है इन दिनों।
