रात की क्रीम फिर से समय पर लगाना शुरू किया है।
पहले अक्सर भूल जाती थी, अब मोबाइल में याद दिला के रख लिया है।
कोहनी और गर्दन की खुजली रात को बढ़ जाती है। सुबह उठकर देखा तो चादर पर हल्के निशान थे।
ऑफिस में एसी के नीचे बैठते ही हाथ की त्वचा खिंचने लगती है। दोपहर तक हाथ पर सूखी परतें दिखने लगती हैं।
बच्चों को तैयार करके स्कूल भेजने की भागदौड़ में क्रीम लगाना अक्सर छूट जाता है। (सच कहूं तो अपनी बारी सबसे आखिर में आती है)
वीकेंड पर हल्की ट्रेकिंग पर गई थी। ऊपर चढ़ते-चढ़ते पसीना आया, साथ में खुजली भी आ गई। रुकी नहीं, ऊपर तक गई।
रास्ते में एक सहेली ने हाथ देखकर पूछा,
“यह क्या हुआ है हाथ पर?”
मैं बस मुस्कुरा दी, बात बदल दी।
अगले हफ्ते उसी की शादी है। लंबी आस्तीन वाला सूट पहले से निकाल के रख लिया है। (हाथ छुपाना है, बस इतना ही सोचा है)
रात को नींद अभी भी बीच में टूट जाती है। पर पहले से थोड़ी राहत ज़रूर लगती है, [कम से कम अब रूटीन तो बना है]।
