एक शादी में जाना था इस हफ्ते।
3 दिन पहले से सोच रही थी क्या पहनूं।
आखिर में स्लीवलेस ब्लाउज़ की जगह पुराना कॉटन वाला निकाला, खुजली का डर था तो रिस्क नहीं लिया।
गर्दन पर हल्की जलन शाम तक रही, हाथों पर कुछ नहीं हुआ, ये राहत की बात रही।
बच्चों का स्कूल फंक्शन भी उसी हफ्ते पड़ा, नींद पूरी नहीं हुई।
रात में 2 बार खुजली से आंख खुली, बाकी दिनों से कम ही थी।
पहाड़ का प्लान इस बार भी टल गया, अगले हफ्ते फिर एक शादी है।
अगली बार दुपट्टा गर्दन पर कसकर लपेटने की बजाय ढीला रखकर देखूंगी।
