कल रात सोचा कि कुछ तो शुरू करना है, जिम जाने की हिम्मत अभी नहीं हो रही थी. स्किन साइड से फिलहाल कोई खास दिक्कत नहीं है, बस ताकत का मामला अलग है, कहां से शुरू करूं समझ नहीं आया… आज सुबह 8 बजे उठकर दीवार के सहारे पुशअप्स ट्राई किए, बस 10 बार में ही हाथ कांपने लगे. इतना कम था फिर इतना मुश्किल क्यों लगा? नाश्ते के बाद रेज्यूमे अपडेट करने बैठी, बीच में ध्यान भटका तो कोने में एक छोटा सा स्केच बना दिया. किताब वाला रैक अभी भी वैसा ही पड़ा है, इस हफ्ते भी नहीं खुला. शाम को थोड़ा टहलने निकली, बस गली के मोड़ तक गई और वापस आ गई. रोज 10 भी मुश्किल से हो रहे हैं, आगे कैसे बढ़ूंगी पता नहीं. आज बस इतना ही हुआ, कल फिर वही पुशअप्स ट्राई करूंगी.
शुरुआत कहां से करूं, आज तय किया
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