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शरीर का समय ›साप्ताहिक डायरी

बाहों की कमज़ोरी से शुरुआत हुई

इस हफ्ते सुबह उठकर सीधे 10 मिनट टहलने की कोशिश शुरू की। पहला दिन तो बालकनी में ही खड़ी रह गई, नीचे जाने की हिम्मत नहीं हुई। दूसरे दिन से थोड़ा आगे बढ़ी। बाहों में इतनी कमज़ोरी है कि हल्का बैग उठाना भी भारी लगता है, ताकत तो लगभग ZERO जैसी है। ये ठीक कैसे होगी? अभी समझ नहीं आया। जॉब सर्च का प्रेशर भी साथ चल रहा है, इंटरव्यू तैयारी में नींद कम हुई तो असर स्किन पर भी दिखने लगा। तो पहले नींद ठीक करने की सोची। रात 11 बजे के बाद फोन साइड में रखना शुरू किया, 4 दिन मैनेज भी हो गया। बीच-बीच में थोड़ी स्केचिंग भी कर ली, हाथ हिलाने का एक बहाना वही बन गया। अगले हफ्ते सोच रही हूं सीढ़ियां चढ़ना शुरू करूं, बस एक मंज़िल से। कितना हो पाएगा पता नहीं, शुरुआत तो करनी है।

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