मंगलवार रात करीब 2 बजे कोहनी की खुजली से नींद खुल गई.
पिछले हफ्ते से नमी बढ़ने लगी है, अंदेशा तो था.
गर्दन पर भी हल्की खुजली रही (ज़्यादा नहीं), रात भर जगने जितनी नहीं.
दफ्तर में AC पूरे दिन चलता रहता है.
मॉइस्चराइज़र आज 3 बार लगाया, फिर भी शाम तक हाथ रूखे लग रहे थे (AC का ही असर लगता है).
डेस्क की दराज़ में अब एक ट्यूब हमेशा रखती हूं.
बुधवार को त्योहार का खाना था, थोड़ा मसालेदार भी खा लिया.
उस रात खुजली थोड़ी ज़्यादा लगी, शायद उसी वजह से.
पूरा छोड़ना अभी मुश्किल है, अगली बार मात्रा थोड़ी कम रखूंगी.
रात की दिनचर्या में बस इतना बदला –
– क्रीम पहले से थोड़ा जल्दी लगाने लगी हूं
– कोहनी और गर्दन पर थोड़ा ज़्यादा समय देती हूं
– बाकी सब वैसा ही
असर है या नहीं, अगले हफ्ते साफ पता चलेगा.
