बारिश शुरू होते ही उमस फिर बढ़ गई।
कोहनी और गर्दन पर रात को खुजली लौट आई।
नींद बीच में टूट गई, कुछ देर करवटें बदलती रही।
दफ्तर में पूरे दिन एसी चलता रहता है।
स्किन एकदम रूखी हो जाती है।
मॉइस्चराइज़र बार-बार लगाना पड़ रहा है, [डेस्क पर ही एक डिब्बी रख ली है अब]।
खाने में मसाला और डेयरी से दूर रहने की कोशिश जारी है।
पर त्यौहार का माहौल है… घर में मिठाई-पकवान बन रहे हैं, हर बार खुद को रोकना मुश्किल हो जाता है।
अगले हफ्ते नाइट क्रीम थोड़ी पहले लगाकर देखूंगी, सोने से ठीक पहले नहीं।
शायद उससे रात की खुजली में कुछ फर्क पड़े।
