बारिश लौटी।
साथ में कोहनी की खुजली भी लौट आई।
गर्दन पर भी वही एहसास हुआ।
रात की नींद टूटी-टूटी सी रही।
इस हफ्ते का हाल कुछ ऐसा रहा-
– ऑफिस में AC लगातार चलता रहा
– ठंडी हवा सीधे कलाई पर पड़ती रही
– स्किन दिनभर रूखी बनी रही
– क्रीम की डिब्बी बार-बार हाथ में आई
फिर भी रूखापन पूरी तरह नहीं गया।
घर में सामान समेटने का काम भी साथ-साथ चला। बॉक्स बांधते वक्त उंगलियों के बीच हल्की खुजली महसूस हुई (शायद पानी-साबुन के बार-बार संपर्क से)।
त्यौहार पास है। घर में मिठाई-नमकीन आनी शुरू हो गई है। हर साल यही समय मुश्किल रहता है। इस बार भी शायद वैसा ही होगा।
रात को कोहनी सहलाते हुए एक बात सोची। डेस्क की जगह बदलनी चाहिए। AC की सीध से थोड़ा हटकर।
अगले हफ्ते यही करके देखूंगी।
