काम इस हफ्ते एकदम खाली था, कोई प्रोजेक्ट नहीं आया।
सोचा फुर्सत में हिसाब-किताब ठीक कर लूं, कब से बजट कॉपी अलमारी में पड़ी थी।
आज बैठकर पुराना खर्चा लिखा –
– राशन
– बिजली का बिल
– कुछ ऑनलाइन ऑर्डर, जो याद ही नहीं थे
लिखते-लिखते समझ आया, फोन से पेमेंट करने में बिना सोचे कितना खर्च हो जाता है
(उस वक्त आसान लगता है, बाद में कॉपी में लिखते हुए डर लगता है)।
कैश होता तो शायद हाथ रुक जाता।
बीच में ब्रेड बेक करने रख दी, सिकते-सिकते बाकी एंट्री भी कर ली।
अब सोच रही हूं रोज़ थोड़ा-थोड़ा लिखूं, इकट्ठा करके नहीं।
काम का दबाव हो तब भी थोड़ा वक्त निकल ही जाता है शायद।
आप लोग हिसाब कैसे रखते हो, कॉपी में या किसी ऐप में
आसान तरीका हो तो बताना।
