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जीवन का समय ›विकास योजना

[पैसा] काम कम था तो हिसाब बदला

इस महीने काम बहुत कम आया, तो हिसाब का तरीका बदलना पड़ा।

फ्रीलांस में यही दिक्कत है, कभी एक साथ 3 प्रोजेक्ट आ जाते हैं, कभी हफ्तों कुछ नहीं आता।

पूरे महीने में सिर्फ 9 दिन पेड काम मिला, बाकी 21 दिन खाली गए।

जो पैसा आया वो 4 हफ्तों में बाँट दिया, हर हफ्ते का अलग लिफाफा बना दिया।

पुरानी बजट कॉपी फिर से निकाली, रोज़ का खर्चा उसी में लिख रही हूं, शुरू के 2 दिन तो लिखना भूल भी गई।

खाली दिनों में घर पर ब्रेड बनाई, इस हफ्ते 3 बार बनी, बाहर से लेने से सस्ता भी पड़ा और वक्त भी कट गया।

मतलब पैसा जितना अनियमित आता है, हिसाब उतना ही टाइट रखना पड़ता है, ये बात अब समझ आई।

थोड़ा लंबा लिख दिया, बस शेयर करना था।

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