इस महीने से आने वाली शादियों के न्योते लगातार आ रहे हैं।
हर हफ्ते जैसे कोई न कोई कार्ड आ ही जाता है।
बच्चों को संभालना, ऑफिस का काम, और साथ में शादी की तैयारियों में शामिल होना – सब कुछ एक साथ हो रहा है।
कुछ शादियों में बस फंक्शन में जाना है, पर करीबी सहेलियों की शादी में शॉपिंग से लेकर मेहंदी तक साथ देना पड़ता है।
पति की छुट्टियां भी कम हैं तो बच्चों को कौन संभालेगा यह भी सोचना पड़ रहा है।
सच कहूं तो थकान महसूस होने लगी है।
हर फंक्शन में पूरा दिन देना मुश्किल लग रहा है (मना करना भी अजीब लगता है)।
वीकेंड ट्रेक पर जाने का प्लान भी इस वजह से बार-बार टल रहा है।
इतनी शादियों के बीच अपने लिए थोड़ा वक्त निकालना भी जरूरी लगता है।
आप लोग जब ऐसा शादियों का सीजन आता है तो कैसे मैनेज करती हैं?
हर फंक्शन में शामिल होती हैं या कुछ फंक्शन छोड़ भी देती हैं?
