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जीवन का समय ›सीख की नोटबुक

सामान समेटते वक्त कॉलर वाली बात समझ आई

घर बदलने की तैयारी में कपड़े छांट रही थी। पुराने कुर्ते, टीशर्ट, सब निकाले पड़े थे।

तभी एक रील याद आई, कुछ दिन पहले देखी थी। एक स्किन एक्सपर्ट बता रही थीं कि टाइट कॉलर या मोटे सिंथेटिक कपड़ों में गर्दन के आसपास पसीना जमा रहता है, और यही रात की खुजली की एक वजह बन जाता है।

कोहनी और गर्दन पर ही सबसे ज़्यादा दिक्कत होती है, खासकर इस बारिश के मौसम में। सुनते ही समझ आया, बात सिर्फ नमी की नहीं, कपड़े की भी है।

तो छांटते वक्त ये तय किया-
– टाइट कॉलर वाले कुर्ते अलग रख दिए, नई जगह नहीं ले जाऊंगी
– सिंथेटिक टॉप भी हटा दिए
– बस ढीले (सूती वाले) रख लिए

रात को सोते वक्त भी अब गर्दन खुली टीशर्ट पहनती हूं। खुजली उतनी तेज़ नहीं उठती जितनी पहले उठती थी।

घर में एसी की ठंडी हवा से रूखापन तो अपनी जगह है, क्रीम लगाना बंद नहीं कर सकती। पर कपड़ों का हिस्सा अब समझ आ गया है।

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