पिछले हफ्ते बेटी ने पूछा — मम्मी को रात में इतनी खुजली क्यों होती है, क्या यह छूने से होता है?
सुनकर रुक गई। अभी तक ठीक से बताया नहीं था, बस “ठीक हो जाएगा” कहकर टाल देती थी।
2 दिन बाद एक पेरेंटिंग टॉक देखी, बच्चों को क्रॉनिक कंडीशन कैसे समझाएं उस पर थी। एक बात अटक गई —

“बच्चों से यह मत कहो कि ठीक हो जाएगा, यह कहो कि अभी परेशानी है, control में ला रहे हैं, और छूने से नहीं फैलता।”
उसी शाम बेटी-बेटे दोनों को यही बताया। यह त्वचा की कंडीशन है, contagious नहीं, अभी 2 महीने से इलाज चल रहा है।
बेटी की आंखों से चिंता थोड़ी कम दिखी। बेटा “ओके” बोलकर खेलने चला गया। बेटी ने अगले दिन फिर पूछा — कब तक control में आएगा?
जवाब मेरे पास नहीं था। सच बता दिया — पता नहीं, डॉक्टर देख रहे हैं।
अगले हफ्ते 2 शादियों में जाना है, वहां भी रिश्तेदार पूछेंगे। सोच रही हूं वही लाइन वहां भी use करूं।

किसी और ने अपने बच्चों को कैसे समझाया है, कोई तरीका है जो काम आया हो?
