← सूची

जीवन का समय ›सीख की नोटबुक

[वीडियो] हरकत गिनो, तीव्रता नहीं

ताकत बिल्कुल नहीं है, कहां से शुरू करूं ये सवाल कई दिनों से दिमाग में घूम रहा था।

फ्रीलांस का काम ऐसा है कि कभी दिन भर बैठे रहना पड़ता है तो कभी हाथ में काम ही नहीं होता, इसी वजह से रोज़ तय समय पर एक्सरसाइज़ करना मुझसे कभी हो नहीं पाया।

2 हफ्ते पहले एक फ्री क्लास का वीडियो देखा, विषय था कमज़ोर मसल्स वालों के लिए शुरुआत कैसे करें।

जो बात दिमाग में अटक गई वो यही थी—
“पहले हफ्ते में सिर्फ हरकत गिनो, तीव्रता नहीं”

तो इस बार सिंपल रखा—
– कुर्सी से बिना सहारे 5 बार उठना-बैठना
– घर के अंदर 10 मिनट टहलना
– फिक्स टाइम नहीं, जब भी याद आए तभी करना

9 दिन हो गए, रोज़ नहीं हुआ मगर ज़्यादातर दिन हो गया।

हिसाब-किताब की डायरी 2 बारा लिखनी शुरू की है, उसी में एक कोना बना लिया है इस ट्रैकिंग के लिए, पैसों के साथ यह भी नोट कर लेती हूं।

सीढ़ी चढ़ते वक्त पहले जैसी थकान अब महसूस नहीं होती, इतना फर्क साफ दिख गया।

रूटीन रोज़ एक जैसा नहीं रह पाता तो बाकी लोग कैसे मैनेज करते हैं, कोई तरीका हो तो बताइए।

कमेंट 3

  • खुशबू05.23

    कुर्सी से उठना-बैठना वाला तरीका आसान लगा। काम का समय अलग-अलग रहता है तो बिना (फिक्स टाइम) के याद कैसे रहता है, सुबह या शाम कौन सा समय ठीक लगता है?

  • सुहानी05.23

    हिसाब-किताब की डायरी में ट्रैकिंग का कोना कैसे बनाया, थोड़ा डिटेल में बताएंगी क्या

  • सुहानी05.24

    हरकत गिनो वाली बात सच में सही लगी, तीव्रता के पीछे भागना अक्सर उल्टा पड़ जाता है। ये फ्रीलांसिंग वाला शेड्यूल कब से चल रहा है

सभी पोस्ट देखें →