अभी एक वीडियो देख रही थी, ताकत बनाने से पहले क्या ध्यान रखना है उस पर।
मुझे तो पहले से पता नहीं था कहां से शुरू करूं, इसलिए ऐसे वीडियो ढूंढती रहती हूं।
उसमें ट्रेनर ने एक बात बोली जो दिमाग में अटक गई –
“ज़ोर लगाते वक्त सांस मत रोको, बाहर छोड़ते हुए ज़ोर लगाओ”
सुनकर सोचा तो याद आया, मैं तो हर छोटी चीज़ में सांस रोक लेती हूं।
ब्रेड का आटा गूंथते वक्त भी, सब्ज़ी का थैला उठाते वक्त भी, चेहरा लाल हो जाता है और पता ही नहीं चलता कि सांस रुकी हुई थी।
अब जो चीज़ें ध्यान में रख रही हूं –
– ज़ोर लगाते वक्त मुंह से सांस बाहर छोड़ना
– जबड़ा भींचना नहीं
– चक्कर जैसा लगे तो तुरंत रुक जाना
इतनी छोटी बात है पर मेरे लिए बड़ी निकली, क्योंकि ताकत की एक्सरसाइज़ से पहले भी यही सबसे ज़्यादा काम आया।
आप सबको भी शायद पता होगा ये, या कोई अलग तरीका अपनाते हैं सांस के लिए?
