आज ऑफिस में एक छोटा वीडियो देखा, जिसमें बताया गया था कि लगातार टाइप करते वक्त कलाई और हाथ को हर 2 घंटे में थोड़ा आराम देना चाहिए।
मेरे केस में शायद ऐसा ही हो, पर काम का प्रेशर बढ़ते ही पता नहीं चलता कि हाथ कब से खुजा रही हूं।
आज पहली बार आज़माया! सुबह 10 बजे, दोपहर 1 बजे और शाम 4 बजे — 3 बार उठकर हाथ हिलाया, कलाई घुमाई।
रात में बच्चों को सुलाने के बाद पुराने फिल्म कैमरा की तस्वीरें देखने बैठ गई, पता ही नहीं चला कब 1 बज गया।
इतनी देर से सोने का असर अगले दिन खुजली में दिखता है शायद, ये अभी समझ आना शुरू हुआ है।
सब लोग का भी यही हाल होता है क्या। अभी बस शुरुआत है, कल भी यही तरीका आज़माऊंगी।
