आज हमेशा की तरह वीकेंड पर पहाड़ पर गई थी। लौटते वक्त बैग की पट्टी वाली जगह पर हल्की जलन और खुजली महसूस हुई। पसीना उस जगह ज्यादा देर टिका रहा था।
घर आकर याद आया कि पिछले हफ्ते एक वीडियो में डॉक्टर बता रहे थे कि सिंथेटिक क्विक-ड्राई कपड़ा पसीने को स्किन पर ही रोक देता है, जबकि (कॉटन) हवा लगने देता है और जल्दी सूख जाता है।
आज पहली बार पुराना सूती कुर्ता जैकेट के नीचे पहनकर गई थी, हमेशा वाला पॉलिएस्टर टी-शर्ट नहीं। फर्क साफ महसूस हुआ, खुजली उतनी नहीं हुई जितनी बाकी दिन होती है।
अभी शादियों का सीज़न भी चल रहा है, एक के बाद एक फंक्शन लगे हैं। ब्लाउज़ के नीचे भी यही सोचकर एक पतली सूती लाइनिंग रखने का मन बना लिया है, टाइट सिंथेटिक फैब्रिक सीधा स्किन पर ना लगे।
छोटी बात है, पर आज की हाइक में यह नोट कर लिया।

