ऑफिस का प्रेशर बढ़ने के साथ पिछले कुछ समय से गाल और जबड़े के आसपास लाल दाने ज़्यादा दिखने लगे थे।

एक दिन काम के बीच में यूँ ही एक हेल्थ टॉक देख रही थी, उसमें एक बात कही गई थी- “स्ट्रेस हार्मोन रात को देर तक जागने पर सबसे ज़्यादा असर डालता है, त्वचा पर भी और नींद पर भी।” यह सुनकर लगा कि यह तो बिल्कुल मेरी बात है।
घर आकर बच्चों को सुलाने के बाद फिर से लैपटॉप खोल लेती हूँ, यह आदत काफ़ी समय से चल रही है। धीरे-धीरे सोने का टाइम भी रोज़ थोड़ा और पीछे खिसकता जा रहा है।
उस टॉक के बाद एक बदलाव किया- रात को लैपटॉप बंद करके फ़ोन स्क्रॉल करने की जगह बस थोड़ी देर के लिए पुराने फ़िल्म कैमरे के साथ गली में घूम आती हूँ। कुछ खास नहीं, बस मोहल्ले की लाइट्स और दुकानों को देखती रहती हूँ।
मेरे मामले में शायद यही मदद कर रहा हो, पर लगा कि गाल की लाली थोड़ी शांत रहने लगी है, कम से कम पहले जितनी बढ़ती नहीं दिख रही!
काम का स्ट्रेस पूरी तरह कम करना तो मुश्किल है, पर सोने का टाइम थोड़ा सही करने से भी फ़र्क़ पड़ता लग रहा है। सबको ऐसा कुछ महसूस हुआ है क्या, स्ट्रेस और स्किन के बीच यह टाइमिंग वाला कनेक्शन?
