पिछले हफ्ते एक स्किन डॉक्टर का वीडियो देखा। उसमें कहा कि क्रीम एक बार मोटी लगाने से कुछ खास फायदा नहीं होता। थोड़ी थोड़ी करके बार-बार लगानी चाहिए, यही बात दिमाग में अटक गई।
मैं अब तक नहाने के बाद एक बार लगाती थी, फिर दिन भर भूल जाती थी। बच्चों को स्कूल भेजना, ऑफिस पहुंचना, इसी में हाथ याद ही नहीं रहता था।
इस हफ्ते तरीका बदला। सुबह हल्की सी लगाई, हाथ वाली क्रीम की डिब्बी डेस्क पर रख ली, दोपहर में फिर से लगाई। शाम को नहाने के बाद फिर एक बार। मोटी परत की जगह बस उंगली पर जितना आए उतना।
फर्क सच में महसूस हुआ।
कोहनी के अंदर वाली जगह जो हमेशा खिंची खिंची सी रहती थी, वो नरम लगने लगी। खुजली भी अचानक नहीं उठती, अब धीरे धीरे शुरू होती है।
वीकेंड पर ट्रेकिंग पर गई थी, सोचा वहां जरूर भूल जाऊंगी। पर बैग में छोटी डिब्बी रख ली, पसीना सूखते ही लगा ली। पहले ट्रेक के बाद हाथ पैर बहुत जलते थे, इस बार उतना नहीं हुआ।
अभी शुरुआत ही है। पर रोज याद रखने का एक तरीका मिल गया, यही बड़ी बात लग रही है। शादियों का सीजन भी आ रहा है, सोच रही हूं इस आदत से थोड़ी राहत मिलेगी।
