आज सुबह वाला वीडियो देखा, जिसमें बोला था कि ताकत शुरू करने से पहले बैलेंस चेक करो, वरना चोट लगने का डर रहता है।
मुझे तो पता ही नहीं था कहां से शुरू करूं, तो सोचा यही आज़मा लूं।
रसोई की कट्टी पकड़कर एक पैर पर खड़ी हुई, दूसरा पैर हवा में रखा। दायां पैर सिर्फ 8 सेकंड टिका, बायां 5 सेकंड में ही डगमगा गया।
मतलब पैर तो दूर, टखने में ही जान नहीं है, ये आज पता चला।
आज काम कम था इसलिए दोपहर में यह आज़मा पाई, वरना ऑर्डर ज़्यादा हों तो खड़े होने का समय भी नहीं मिलता।
रोटी सेंकने के टाइमर वाले 3 मिनट में अब रोज़ एक बार यह आज़माऊंगी।
बजट वाली कॉपी में आज यह नंबर लिख दिया, अगले हफ्ते फिर नापूंगी।

