ताकत के लिए कहाँ से शुरू करूं, ये सवाल काफी दिन से मन में था। एक टॉक में क्लियर हो गया।
– सीधे वज़न उठाने से नहीं, पहले अपने शरीर के वज़न से शुरू करना है
– दीवार के सहारे थोड़ी देर खड़े रहना, पहला स्टेप बताया गया
– साँस रोकनी नहीं, सामान्य तरीके से चलती रहनी चाहिए
– दर्द होते ही रुक जाना, आगे बढ़ने से पहले ये ज़रूरी है
– रोज़ की जगह बीच-बीच में गैप देना बेहतर, शरीर को रिकवर होने का टाइम चाहिए
फ्रीलांस काम में कभी बहुत भागदौड़ रहती है, कभी बिल्कुल खाली टाइम, इसलिए फिक्स रूटीन बनाना मुश्किल था। अब जब भी बीच में गैप मिलता है, यही थोड़ी देर वाला स्टेप कर लेती हूं। शुरुआत छोटी होनी चाहिए, ये बात अब समझ आई है।
