पिछले हफ्ते एक त्वचा विशेषज्ञ की टॉक सुनी, उसमें एक बात दिमाग में बैठ गई।
बरसात के मौसम में बाहर की नमी ज़्यादा होती है, पर AC वाले कमरे की हवा एकदम सूखी होती है। यह अंतर ही त्वचा पर असली दबाव डालता है, ऐसा उस टॉक में बताया गया।
दफ्तर का AC ज़्यादातर 18-19 डिग्री पर चलता रहता है। वहां घंटों बैठने के बाद कोहनी और गर्दन पर खुजली शुरू हो जाती थी, खासकर शाम को।
टॉक के बाद दो बदलाव किए –
– AC का तापमान 24 डिग्री से नीचे नहीं जाने देना
– फोन में अलार्म लगाया, हर 3 घंटे में हाथ-पैर पर क्रीम लगाने का
3 दिन हो गए इसे आज़माते हुए। कल रात खुजली 2 बजे तक बिल्कुल नहीं आई, जबकि पहले 11-12 बजे से ही शुरू हो जाती थी।
पक्का नतीजा कहने में अभी जल्दी है, हफ्ता भर और देखना पड़ेगा। पर तापमान का यह छोटा फर्क असर डाल सकता है, यह बात नई लगी।
