पिछले हफ्ते बारिश में भीग गई, कपड़े बदलने में देर कर दी।
रात तक गर्दन और कोहनी पर खुजली शुरू हो गई थी।
कल एक टॉक में सुना, दिक्कत बारिश के पानी से नहीं होती।
भीगे कपड़े देर तक शरीर पर रहें, वहीं से बढ़ती है।
पसीना और नमी मिलकर त्वचा को गीला रखते हैं, बस इतनी बात थी।
आज फिर बारिश में फंसी।
घर पहुंचते ही (10 मिनट) में कपड़े बदले, टॉवल से पोंछा, फिर क्रीम लगाई।
रात तक कोहनी पर खुजली नहीं लौटी।
(25 साल) से यह झेल रही हूं, फिर भी ऐसी छोटी बात अभी सीखी।
ऑफिस बैग में अब एक छोटी ट्यूब क्रीम भी रखने लगी हूं।
काम के दबाव में ध्यान नहीं रहता, इसलिए फोन में 3 बजे और 6 बजे का अलार्म लगा दिया है।
