कल रात एक वीडियो देख रही थी, जिसमें बताया गया कि घर पर लगाया कोई भी लेप, हल्दी हो या नीम, अगर सूखने के बाद 10 मिनट से ज़्यादा त्वचा पर छूटा रह जाए तो उलटा नमी खींच लेता है, यह सुनकर लगा जैसे मेरी ही बात हो रही है।
बरसात शुरू होते ही गर्दन और कोहनी की मोड़ पर खुजली बहुत बढ़ गई, ब्लाउज़ का कपड़ा वहां रगड़ता है तो और जलन होती, घर का पुराना तरीका अपनाया, हल्दी-नीम का लेप बनाकर लगाया, थोड़ी देर आराम मिला, पर सूखते ही त्वचा और खिंची सी लगने लगी, समझ नहीं आया गलती कहां हो रही थी।

वीडियो में यही समझाया कि लेप गीला रहते-रहते या 10 मिनट के अंदर धो देना चाहिए, फिर हल्का मॉइस्चराइज़र लगाना चाहिए, मैं तो घंटों लगाए रखती थी, सूखने के बाद भी नहीं धोती थी, सोचती थी जितनी देर लगा रहेगा उतना फायदा होगा।
कल यही आज़माया, लेप लगाकर 10 मिनट में धो दिया, फौरन क्रीम लगाई, आज सुबह खुजली उतनी तेज़ नहीं थी जितनी बाकी दिनों में रहती है, एक दिन में बड़ा बदलाव तो नहीं कह सकती, पर गर्दन बार-बार खुजाने का मन नहीं हुआ यह ज़रूर लगा।
अगले महीने भतीजे की शादी है, हाथ खुले रहेंगे, यह तरीका कुछ दिन और आज़माकर देखूंगी, दाग कम दिखें तो अच्छा, वरना कोई पूछे तो जवाब सोच ही रखूंगी।
