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जीवन का समय ›सीख की नोटबुक

[वीडियो] कंधा पहले, हाथ बाद में सीखा

पिछले हफ़्ते एक फ्री वीडियो देखा, ताकत वापस लाने के बारे में।
मेरे जैसे जिनकी बाजू-कलाई में बहुत कमज़ोरी है, उनके लिए बड़ी बात यह लगी कि पहले कंधा, फिर हाथ।

ट्रेनर ने कहा – ‘हाथ की स्किन अभी नाज़ुक है, इसलिए वहीं से मत शुरू करिए, बड़े मसल से शुरू करिए, ताकि हाथ पर दबाव कम पड़े।’

मुझे यह बात सीधे अपनी रोटी-ब्रेड बनाने की आदत से जुड़ गई।
आटा गूंधते वक़्त हाथ में जो जकड़न आती थी, वो असल में कंधे से नहीं, सीधे कलाई से खींचने की वजह से थी।

अब गूंधने से पहले कंधा हल्का घुमाती हूं, फिर हाथ लगाती हूं।
– कंधा पहले घुमाया
– फिर हल्के हाथ से आटा गूंधा
– बीच में हाथ को आराम भी दिया

फ़र्क साफ़ लगा, हाथ में जो पहले जल्दी थकान आती थी वो अब देर से आती है।

फ्रीलांस का काम कभी बहुत, कभी बिलकुल नहीं होता, तो एक्सरसाइज़ भी वैसे ही रखी हूं, जितना दिन में हो सके उतना, ज़बरदस्ती नहीं।

बजट की डायरी फिर से लिखना शुरू किया था, अब उसी डायरी के आख़िरी पेज पर यह छोटी बात भी लिख ली है, ताकि भूलूं ना।

सोचा, आप सबको भी बता दूं, शायद किसी और के काम आ जाए।

थोड़ा लंबा हो गया, माफ़ करें।

टिप्पणियाँ 2

  • खुशबू09.15

    मुझे भी कलाई से ही जकड़न शुरू होती है

  • 버티는중09.16

    रोटी बनाते वक़्त मेरा भी हाथ पहले थक जाता था, कंधे वाली बात एकदम सही लगी

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