डर्मेटोलॉजिस्ट के ऑनलाइन सेशन में जो बात कही गई, वो दिमाग से नहीं निकली ।
उमस ज़्यादा हो तब भी त्वचा अंदर से रूखी रह सकती है, ये पहले पता नहीं था ।
AC वाले कमरे में लगातार बैठने से बाहर की नमी के बावजूद त्वचा की नमी अंदर से उड़ती रहती है ।

कुछ बातें नोट कीं—
– पसीना सूखने पर रगड़ना नहीं, हल्के हाथ से (थपथपाना) बेहतर
– कोहनी-गर्दन पर पसीना जमा रहता है, वहां कपड़ा बीच-बीच में बदलना ठीक रहेगा
– मॉइस्चराइज़र नहाने के (फौरन बाद) लगाना, देर करने पर असर कम हो जाता है
दफ्तर में AC के नीचे यही हो रहा था, कोहनी-गर्दन की खुजली वापस आ गई थी ।
अब डेस्क पर छोटी मॉइस्चराइज़र ट्यूब रखूंगी ।
