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जीवन का समय सीख की नोटबुक

बैठे रहने से पीठ की खुजली, आदत सुधारी

दुकान अकेले संभालता हूं तो सुबह से शाम तक काउंटर पर बैठे रहना पड़ता है। पीठ का जो हिस्सा कुर्सी से टिका रहता है वहां पसीना जमा होकर हल्की खुजली शुरू हो जाती थी, खासकर दोपहर के बाद।

रात को हिसाब-किताब फिर से लिखना शुरू किया है तो वहां भी वही मामला — टेबल पर बैठकर घंटों निकल जाते हैं। मतलब दिन में 2 बार एक ही तरह लंबा बैठना हो रहा था।

एक फिजियो के यूट्यूब वीडियो में सुना कि लंबे समय बैठे रहने पर त्वचा और कपड़े के बीच घर्षण और पसीने की नमी ही खुजली की असली वजह बनती है, सिर्फ मौसम की बात नहीं। उसमें कहा गया कि हर 40 मिनट में कम से कम 2 मिनट के लिए उठकर खड़ा हो जाना चाहिए।

घर पर ब्रेड बनाते वक्त जो टाइमर लगाता हूं वही अब काउंटर पर भी लगाने लगा हूं। बीप बजते ही उठकर दुकान के अंदर एक चक्कर लगा लेता हूं, बस इतना ही। पहले हफ्ते तो भूल जाता था लेकिन अब आदत बन गई है।

अभी स्थिति स्थिर है, पूरी तरह ठीक हो गया है ऐसा नहीं कहूंगा लेकिन रात को पीठ खुजाने के लिए उठना पहले से काफी कम हो गया है। हिसाब की किताब भी अब टाइमर देखकर ही लिखता हूं, लिखना थोड़ा धीमा हुआ है मगर यही ठीक लग रहा है!

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