एक वीडियो में देखा, जिसमें बता रहे थे कि जिनके हाथों में बिलकुल ताकत नहीं बची, वो सीधे डंबल मत उठाएं, पहले दीवार से शुरू करें।
मैंने भी वैसे ही किया।
सुबह चाय के लिए केतली ऑन करती हूं, पानी खौलने तक दीवार पर दोनों हाथ टिकाकर हल्का दबाव डालती हूं, कल 8 बार हो गया।
पहले दिन हाथ कांप रहे थे, आज थोड़ा स्थिर लगा।
फ्रीलांस का काम है तो दिनभर कुर्सी पर ही बैठे रहना होता है, इसी बीच यह एक काम जुड़ गया, बुरा नहीं लग रहा।
छोटी सी बात है, पर मन को अच्छा लगा।
