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जीवन का समय ›सीख की नोटबुक

[वीडियो] खर्च लिखने का नया तरीका अपनाया

दुकान बंद करने के बाद रोज़ रात में हिसाब की किताब निकलती है, पर अक्सर शाम का खर्च भूल जाती हूं। कल रात एक वीडियो देखा जिसमें एक औरत बता रही थी कि वो हर खर्च उसी वक़्त फ़ोन में लिख लेती है, रात को याद करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

आज सुबह से यही try किया। आटा लिया तो दुकान पर ही लिख दिया, चाय का सामान लिया तो वहीं नोट कर लिया। दिन में कुल 6 बार लिखा, पहले कभी इतनी बार हिसाब नहीं रखा था।

Home House

रात को किताब निकाली तो हर चीज़ पहले से लिखी मिली, सिर्फ जोड़ना था। पहले यही काम आधे घंटे से ज़्यादा लेता था, आज 10 मिनट में हो गया।

कमर भी रात तक इतनी नहीं अकड़ी, शायद बार-बार फ़ोन निकालने के लिए खड़ी होती रही इसलिए। एक छोटी सी बात से इतना फ़र्क़ पड़ सकता है, सोचा नहीं था।

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