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जीवन का समय ›सीख की नोटबुक

[वीडियो] आटा गूंधते कमर सीधी रखना सीखा

दुकान का हिसाब तो अब खड़े होकर लिखने लगी हूं, कमर को उससे फ़र्क पड़ा है। पर कल रात आटा गूंधने बैठी तो वही पुरानी अकड़न फिर आ गई।

सोचा शायद टेबल की ऊँचाई का मामला है, तो यूट्यूब पर एक बेकर का वीडियो देखा। उसमें कुछ बातें काम की लगीं –

– काउंटर इतना ऊँचा हो कि गूंधते वक़्त कमर आगे न झुकानी पड़े
– कोहनी ज़्यादा मोड़कर रखें, हाथ पूरा सीधा न फैलाएं
– एक पैर थोड़ा आगे रखें, दोनों पैरों पर बराबर वज़न न डालें
– हर कुछ मिनट बाद सीधे खड़े होकर कमर पीछे खींच लें

कल रात 11 बजे यही करके देखा। टेबल के नीचे पुराना तकिया रखकर ऊँचाई थोड़ी बढ़ाई, कोहनी भी ज़्यादा मोड़ी। हल्का सा फ़र्क तो लगा, पर पूरी तरह अकड़न गई नहीं… शायद टेबल बदलनी ही पड़ेगी।

बाकी हिसाब में जो नियम अपना रहा हूं वो भी साथ चल रहा है, दोनों जगह एक जैसी बात निकली – खड़े होने का तरीका ही गलत था, सिर्फ़ जगह बदल गई थी।

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