आज सुबह टहलने निकली तो रास्ता पूरा नारंगी पत्तों से ढका था!
बेटी आगे-आगे भागती जा रही थी, बाल हवा में उड़ रहे थे।

कुछ पल के लिए लगा जैसे सब कुछ हल्का हो गया है।
रोज़ का वही रास्ता है, पर आज मन को छू गया।
आप लोग weekend पर कहीं टहलने जाते हैं क्या?
आज सुबह टहलने निकली तो रास्ता पूरा नारंगी पत्तों से ढका था!
बेटी आगे-आगे भागती जा रही थी, बाल हवा में उड़ रहे थे।

कुछ पल के लिए लगा जैसे सब कुछ हल्का हो गया है।
रोज़ का वही रास्ता है, पर आज मन को छू गया।
आप लोग weekend पर कहीं टहलने जाते हैं क्या?
बेटी को यूं आगे भागते देखकर सच में मन हल्का हो जाता है जी, कितनी उम्र की है वो अभी. रोज़ के इसी रास्ते पर आप किस समय टहलने निकलती हैं, सुबह या शाम
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