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जीवन का समय ›आज की एक तस्वीर

[खाना] घर की रोटी

आज काम कम था, तो दोपहर को घर में सब साथ बैठे।

तीन थालियों में रोटी, नान और पराठा एक साथ मेज़ पर आया, हफ्तों बाद ऐसा हुआ।

A dining table set with three distinct plates of food, showcasing a variety of dishes for a shared m

रोटी बेलते वक्त हाथ जल्दी थक गए, बेलन उठाना भी भारी लग रहा था आजकल।

घर में ब्रेड बनाना शुरू किया था 3 महीने पहले, सोचा था हाथ मज़बूत हो जाएंगे, पर अभी भी वैसा ही है।

खाते वक्त कोई ज़्यादा बात नहीं हुई, बस थालियां खाली हो गईं, यही काफी था।

शाम को हिसाब की डायरी खोली तो आटे का दाम भी लिख लिया, इस बार 65 रुपये किलो हो गया है।

आप सबके घर में अभी भी हाथ से रोटी बनती है, या सब कुछ मशीन ने ले लिया है?

कमेंट 4

  • सुहानी07.05

    मतलब हाथ जल्दी थकने वाली बात मुझे भी होती है! रोटी रोज़ बेलती हैं या कभी नान पराठा बाहर से भी मंगाती हैं?

  • सुहानी07.05

    मुझे तो लगता है आटा गूंधने से हाथ मज़बूत होने की बजाय उल्टा स्किन रूखी हो जाती है, मेरे साथ तो 2 महीने में ही उंगलियों पर पपड़ी जम गई थी। आपको बेलते वक्त हाथ में जलन जैसा महसूस नहीं होता क्या?

  • चांदनी07.05

    बेलन उठाते वक़्त हाथ भारी लगना मुझे भी होता है, अभी तक ठीक नहीं हुआ, वैसे ही चलता है

  • तितली07.06

    रोटी बेलते वक्त हाथ जल्दी थक जाना पढ़कर बहुत पहचाना लगा, मतलब घर के काम में पानी और मसालों का असर हाथों पर लगातार पड़ता रहता है, तो कलाई और उंगलियों में वैसी ही जकड़न बनी रहती है, बाकी थालियां खाली होने वाली बात पढ़कर सुकून मिला।

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